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Saturday, 21 May 2011

कॉर्बेट नेशनल पार्क

 कॉर्बेट पार्क से बीती शुक्रवार को दो संदिग्ध लट्ठमारों को पीछा कर पकड़ा गया था। वन कर्मियों ने एक को तो मौके पर ही छोड़ दिया जबकि दूसरे के पास से चार लट्ठ बरामद कर हिरासत में लिया गया। इधर शनिवार को उसे भी विक्षिप्त घोषित कर छोड़ दिया गया। इससे भड़के बाघ बचाओ संघर्ष समिति के सदस्यों ने कहा है कि जब भी पार्क में संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा जाता है तब विभागीय अधिकारी जांच से बचने के लिए उसे विक्षिप्त बता देते है। यदि किसी हाथी की मौत होती है तो पहाड़ी से गिरकर मौत होना बता दिया जाता है। बाघ के मरने पर आपसी संघर्ष या प्राकृतिक बताकर जांच से पल्ला झाड़ लिया जाता है। पत्र में कहा कि संदिग्ध व्यक्ति वाटर हाल के समीप खड़ा पाया गया। जहां वन्य जीव पानी पीने आते है। पत्र में विभागीय अधिकारियों पर मामले को बेहद हल्के में लेने का आरोप लगाया है। समिति के अध्यक्ष मदन जोशी व गिरीश धस्माना ने कहा कि भले ही संदिग्ध व्यक्ति के पास कोई चीज न मिली हो लेकिन वह पार्क की टोह लेने भी आया हो सकता है। पत्र में पार्क की गश्त व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए है।

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