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Monday, 29 August 2011

बिन अन्ना रामलीला मैदान वीरान

रामलीला मैदान में 10 दिनों तक डटे रहे अन्ना हजारे का अनशन तो रविवार खत्म हो गया और अपने पीछे एक वीरानी छोड़ गया। जो रामलीला मैदान पिछले 10 दिनों से दिल्ली, देश और दुनिया के लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ था, जहां हर दिन हजारों की भीड़ उमड़ रही थी, वही रामलीला सोमवार को फिर उजाड़ हो गया।

हालांकि टेंट का कुछ हिस्सा अभी लगा हुआ था, जिसे मजदूर निकाल रहे थे। दिल्ली पुलिस के कुछ बैरिकेड भी अंदर रखे थे और मंच पर कुछ बिस्तर भी पड़े थे।

NATIONAL NEWS नोएडा एक्सटेंशन पर सुनवाई 12 सितंबर तक टली

नोएडा।। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सोमवार को नोएडा एक्सटेंशन मामले की सुनवाई 12 सितंबर तक के लिए टाल दी। हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार और ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल डिवेलपमेंट अथॉरिटी ( GNIDA ) से कहा है कि सैंकड़ों किसानों द्वारा दायर याचिकाओं पर जवाबी हलफनामा दायर करें। किसानों ने ग्रेटर नोएडा और नोएडा एक्सटेंशन में विकास के लिए तीन हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि के अधिग्रहण को चुनौती दी है। इसके चलते इस इलाके में बहुत से बिल्डरों के प्रॉजेक्ट अटक गए हैं और हजारों लोगों के घरों का सपना अधर में लटक गया है. किसानों द्वारा दायर 491 याचिकाओं पर सुनवाई कर रही जस्टिस अशोक भूषण, एसयू खान और वी.के. शुक्ला की पीठ ने मामले में सुनवाई की अगली तारीख 12 सितंबर तय की है।

याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार ने इमर्जेंसी क्लॉज लगाकर उनकी जमीन का अधिग्रहण किया जिससे वे इसके खिलाफ आपत्ति उठाने और पर्याप्त मुआवजे के लिए सौदेबाजी करने के मौके से महरूम रह गए। किसानों ने याचिका में कहा है कि बाद में जमीन हाउसिंग प्रॉजेक्ट बनाने लिए प्राइवेट बिल्डरों को बेच दी गई जबकि अधिग्रहण ग्रेटर नोएडा और नोएडा एक्सटेंशन के 'योजनाबद्ध औद्योगिक विकास' के नाम पर किया गया था। इसके अलावा बहुत से बिल्डरों और फ्लैट खरीदारों ने भी अर्जी दायर कर गुजारिश की थी कि मामले में उन्हें भी पक्ष बनाया जाए क्योंकि इस मामले में आने वाले किसी भी आदेश का असर उन पर पड़ने की संभावना है।
अदालत ने हालांकि इन अर्जियों पर कोई आदेश नहीं दिया। अदालत ने कहा, 'अधिग्रहित जमीन के सभी आवंटी अगली सुनवाई की तारीख तक अपने हलफनामे दायर करने के लिए आजाद हैं।'

अदालत ने यह भी कहा कि 12 सितंबर से यह पहले ही दायर की जा चुकी 491 याचिकाओं पर सुनवाई शुरू करेगी और मामले से संबंधित नई याचिकाओं को अलग रखकर उन पर अलग से सुनवाई की जाएगी, ताकि अन्य याचिकाओं पर फैसले में देरी नहीं हो।

सांसदों को 'नालायक' कहने पर पेशी के लिए तैयार ओम, पुरी के साथ आए अनुपम खेर

नई दिल्‍ली. रामलीला मैदान स्थित अन्‍ना हजारे के मंच से नेताओं पर की गई कथित 'आपत्तिजनक' टिप्‍पणी के मामले में अभिनेता ओम पुरी और हजारे की सहयोगी किरण बेदी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इनके खिलाफ संसद के दोनों सदनों के सदस्‍यों ने विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है,ओम पुरी ने नेताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए माफी मांगी और कहा कि अगर उन्हें समन भेजा जाता है तो वह सांसदों के सामने पेश होने के लिए तैयार हैं। 61 साल के बॉलीवुड कलाकार ने कहा, 'मुझे इसकी जानकारी मीडिया से मिली। मुझे अभी तक नोटिस का इंतजार है। मैं संविधान और संसदीय प्रणाली में यकीन रखता हूं। अगर मुझे बुलाया गया तो मैं उनके सामने जाऊंगा और सफाई दूंगा। पुरी ने कहा कि नेताओं को ‘नालायक’ और ‘गंवार’ कहने पर उन्‍हें अफसोस है। वह बोले, 'उस वक्त मैं काफी भावुक हो गया था। मुझे इस बात का खेद है कि मैंने कुछ अपशब्द कहे, जिससे कुछ लोगों की भावनाओं को चोट पहुंची। मुझे लगता है कि मैं सड़क चलते आदमी की तरह बोला।' उन्‍होंने इस बात से इनकार किया कि उस वक्‍त उन्‍होंने शराब पी रखी थी। पुरी को रामलीला मैदान में मंच से अन्‍ना के एक सहयोगी ने पकड़ कर उतारा था। इस पर उन्होंने सफाई दी कि पुरानी सर्जरी के चलते उन्हें सीढ़ियों पर चलते हुए सहारे की जरूरत होती है। ओम पुरी ने तो अपनी टिप्‍पणी के लिए माफी मांग ली है, लेकिन किरण बेदी ने नेताओं पर की गई अपनी टिप्‍पणी को जायज ठहराते हुए कहा कि उनकी इस टिप्‍पणी से ही जनलोकपाल का मसला सुलझा है,,गौरतलब है कि किरण बेदी ने बीते शुक्रवार को रामलीला मैदान में अपने सिर पर कपड़ा रखकर सांसदों की नकल उतारते हुए कहा था कि वे आगे देखते हैं, पीछे देखते हैं, ऊपर देखते हैं, नीचे देखते हैं। उनकी इस हरकत के कुछ देर बाद ही मंच पर ओम पुरी आए थे और उन्‍होंने कथित रूप से सांसदों को नालायक, अनपढ़-गंवार कहा था।

Thursday, 25 August 2011

विलासराव देशमुख के माध्यम से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास संदेश भेजा

नई दिल्ली। गांधीवादी अन्ना हजारे ने केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख के माध्यम से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास संदेश भेजा है कि कल ही संसद में जनलोकपाल विधेयक के उन तीन मुद्दों पर चर्चा कराई जाए जिन पर गतिरोध बना हुआ है। हजारे ने कहा कि हमारे तीन मुद्दों पर यदि आम सहमति बनती है तो मैं अनशन तोड़ने पर विचार कर सकता हूं। हजारे ने गुरुवार को अपने अनशन के दसवें दिन रामलीला मैदान में मौजूद समर्थकों से कहा कि मैंने विलासराव देशमुख के जरिए प्रधानमंत्री को संदेश भेजा है कि अगर आपको मेरी सेहत की फिक्र है तो आप कल ही संसद में जनलोकपाल के तीन मुख्य मुद्दों पर चर्चा कराएं। अपने अनशन के 220 घंटे पूरे होने के बाद भी बुलंद आवाज में अन्ना ने कहा कि अगर जनलोकपाल के तीन मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में सहमति बन जाती है तो वह अपना अनशन खत्म कर देंगे, लेकिन शेष मुद्दों पर धरना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार कल संसद में चर्चा पर नहीं मानी तो वह अनशन जारी रखेंगे और मरते दम करते रहेंगे। हजारे ने कहा कि वह जनलोकपाल के तीन मुद्दों पर यानी सरकारी दफ्तरों में सिटीजन चार्टर होने, राज्यों में लोकायुक्त के गठन और नीचे से लेकर ऊपर तक के सभी नौकरशाहों को लोकपाल के दायरे में लाने पर संसद में चर्चा चाहते हैं। अन्ना ने कहा कि सरकार तीनों मुद्दों पर अपना मसौदा दे और शेष मुद्दों पर भी लिखित आश्वासन दे। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष और प्रधानमंत्री द्वारा हजारे के आंदोलन पर दिए वक्तव्यों की सराहना की। हालांकि उन्होंने प्रधानमंत्री तथा विपक्षी दलों पर निशाना भी साधा। हजारे ने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि उन्हें मेरी सेहत की चिंता है, लेकिन इस चिंता में दस दिन क्यों लगे। हजारे ने कहा कि विपक्षी दल मौन क्यों हैं। उन्हें अपना मौन तोड़ देना चाहिए और सत्ता पक्ष पर विधेयक के लिए दबाव बनाना चाहिए। अन्ना ने अपने समर्थकों से कहा कि अगर सरकार नहीं माने और उन्हें गिरफ्तार कर अस्पताल ले जाए तो लोग बड़ी संख्या में सांसदों का घेराव करें। उन्होंने कहा कि वह दो बार सरकार से धोखा खा चुके हैं और तीसरी बार धोखा नहीं खाना चाहते। हजारे ने दिल्ली पुलिस से मांग की कि वह रामलीला मैदान पर अनशन के लिए मिली दो सितंबर तक की अनुमति की अवधि को हमारे मुद्दों के हल होने तक बढ़ा दे। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों ने मेरी जांच की है। चिंता करने की कोई बात नहीं। मेरा वजन साढ़े छह किलो कम हुआ है। भगवान की दया से और आपसे मुझे जो ऊर्जा मिल रही है, उसी का परिणाम है कि मुझे कोई दिक्कत नहीं है।


Wednesday, 24 August 2011

अमर सिंह के खिलाफ नोट फॉर वोट मामले में शिकंजा कस।

अमर सिंह के खिलाफ नोट फॉर वोट मामले में शिकंजा कसता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता के खिलाफ इस मामले में जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी। अमर सिंह पर 2008 में बीजेपी के तीन सांसदों को घूस देने के आरोप है। इसके मुताबिक तीनों सांसदों को एक करोड़ रुपये दिए गए थे।
मीडिया में सूत्रों के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक सिर्फ अमर सिंह के खिलाफ ही नहीं बल्कि सुधींद्र कुलकर्णी के खिलाफ भी आरोप पत्र दाखिल किया जा सकता है।   2008 में बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के सलाहकार सुधींद्र कुलकर्णी पर इस पूरे ऑपरेशन के जरिए तत्कालीन यूपीए सरकार की बहुमत जुटाने की कोशिश को उजागर करने का आरोप है। कुलकर्णी पर आपराधिक मुकदमा दर्ज होने के आसार हैं। इसमें उकसाने का आरोप भी लग सकता है।  बीजेपी के तीन सांसद-अशोक अर्गल, फग्गन सिंह कुलस्ते और महावीर भगोरा- नोट लेकर लोकसभा में पहुंच गए थे और वहां नोट लहराए थे। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि अमर सिंह ने एक बिचौलिये के जरिए सांसदों को घूस देने की कोशिश की थी। उस समय अमर सिंह समाजवादी पार्टी के नेता थे और पार्टी ने सरकार को बाहर से समर्थन दिया था। 

NATIONAL NEWS

टीम अन्ना के सक्रिय सदस्य अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण और किरण बेदी की वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी के साथ नार्थ ब्लॉक में चल रही बैठक समाप्त हो चुकी है। टीम अन्ना ने कहा है कि सरकार से बातचीत फेल हो चुकी है और हमारे विरोध करने के बावजूद भी सरकार ने जनलोकपाल बिल को स्टैंडिंग कमेटी को भेज दिया है,,,अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने एक नया ड्राफ्ट बनाया है। केजरीवाल के मुताबिक सरकार जनलोकपाल बिल से मुकर रही है। इसकी वजह से अब अन्ना का अनशन नहीं टूटेगा। टीम अन्ना ने दावा किया है कि सरकार अन्ना को जबरदस्ती अस्पताल भेज सकती है। दूसरी ओर, डॉक्टर त्रेहन प्रधानमंत्री से मिलने उनके दफ्तर पहुंचे। जहां उन्होंने अन्ना की सेहत की जानकारी प्रधानमंत्री को दी।
रामलीला मैदान में चल रहे अन्ना  हजारे के अनशन ने रामलीला मैदान का तो माहौल गर्म कर ही रखा था लेकिन आज टीम अन्ना ने भी बेहद आक्रामक तेवर अपना लिए हैं। अरविंद केजरीवाल ने मंच पर आकर दो टूक शब्दों में कहा कि यदि अन्ना को कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

अन्ना के नारों से गुंजा रानीखेत

रानीखेत: भ्रष्टाचार के खिलाफ व जन लोकपाल बिल को पास कराने की मांग को लेकर आंदोलन में कूदे समाजसेवी अन्ना हजारे के समर्थन में नगर में बुधवार को भी को नारों की गूंज से गुंजायमान रहा।
अन्ना हजारे के समर्थन में रोज की भांति बुधवार को कई लोगों ने सुभाष चौक से मुख्य बाजार में अन्ना के समर्थन में नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला।